BREAKFAST~August 16, 2017

Today's Word 

Psalms 20:4 "May He give you the desire of your heart and make all your plans succeed."

God is faithful in His Words. He knows the very depths of your heart. He "will" fulfill all your desires in His due Time. God's wants you to prosper in all areas of Life. A simple prayer " I SUBMIT MY LIFE IN YOUR HANDS LORD" will work miracles for you.Wait for your answers...


REMAIN BLESSED!!!

BREAKFAST~ August 04, 2017(Hindi)


 You are Forgiven !!!
 यशायाह 1:18  यहोवा कहता है, आओ, हम आपस में वादविवाद करें: तुम्हारे पाप चाहे लाल रंग के हों, तौभी वे हिम की नाईं उजले हो जाएंगे; और चाहे अर्गवानी रंग के हों, तौभी वे ऊन के समान श्वेत हो जाएंगेl."
सबसे बड़ा योजना जो परमेश्वर ने हमारे लिए कि, वह है हमारे पापों को छमा करना ।
 यहोवा यों कहता है : " तुम्हारे पाप चाहे लाल रंग के हों, तौभी वे हिम की नाईं उजले हो जाएंगे; और चाहे अर्गवानी रंग के हों, तौभी वे ऊन के समान श्वेत हो जाएंगे।"
मुझ से कई बार प्रश्न किये जाते है कि पापियों को परमेश्वर किस रूप में देखता है। उसका उत्तर इस सुन्दर समाचार में है कि परमेश्वर पाप से घृणा करता है, पापियों से नहीं। हम उसके हाथों की उत्तम रचना हैं और वह हमसे बेहद प्रेम करता है, यीशु मसीह को वह इस कारण संसार में भेजा की हम में से हरेक के पापों के श्राप को वह क्रूस पर उठा ले। पाप हमे परमेश्वर से दूर करता है, परमेश्वर ने उस पाप को यीशु मसीह द्वारा क्रूस पर अलग कर दिया। परमेश्वर का प्रेम कैसा महान है कि उस ने अपना एकलौता पुत्र दे दिया, ताकि जो कोई उस पर विश्वास करे, वह नाश न हो, परन्तु अनन्त जीवन पाए। 
यीशु को ग्रहण करें और एक बहुतायत का जीवन जीयें ।

आशीषित बने रहे!!!
Tanvi Joseph
Translated in Hindi by Mr. A.D.Joseph

BREAKFAST~ August 04, 2017


 You are Forgiven !!!
 Isaiah 1:18  “Come now, and let us reason together,” saith the Lord. “Though your sins be as scarlet, they shall be as white as snow; though they be red like crimson, they shall be as wool."
The Greatest Commission that God bring forth to us is forgiving our Sins. 
 “Though your sins be as scarlet, they shall be as white as snow; though they be red like crimson, they shall be as wool. says the Lord. 
I keep getting questions about how God look at us when we are sinners. The good news is that God hates SIN but not sinners. We are His best handicraft and He loves us immensely, that is why He brought Jesus Christ to take  the curse of Sin on the cross for EACH one of us. Sin was a barrier which separated us from GOD, but GOD removed that barrier through Jesus Christ on the Cross.. How great is the Love of God that He gave His only begotten son, that whosoever Believes shall not perish, but have eternal life.

Receive Jesus and Live a Wholesome life.

Remain Blessed
Tanvi Joseph

BREAKFAST~ August 02, 2017(HINDI)

आप स्वीकारे गए हैं !!!
रोमियो 5:8 "परन्तु परमेश्वर हम पर अपने प्रेम की भलाई इस रीति से प्रगट करता है, कि जब हम पापी ही थे तभी मसीह हमारे लिये मरा।"
क्या यह आश्चर्यजनक नहीं कि परमेश्वर ने, जिसके योग्य हम नहीं थे, उससे बढ़कर हमसे प्रेम किया है । पूरे जुलाई महीने हम सीख रहे थे कि किस तरह परमेश्वर ने अपने प्रेम को हम पर प्रगट किया ।
1)  उसने हमें छमा किया 
2)  उसने हमसे प्रेम किया
3)  उसने हमें सुन्दर रूप में सृजा
4)  उसने हमें ग्रहण किया 
ये चार बातें, परमेश्वर के काम, जो हम पर किये गए उनको दर्शाता है। आप इस बात को अनुभव करें या नहीं, वह आपसे प्रेम करता है, आपको छमा किया है, आपको अद्भुत और सुन्दर बनाया है और आप जैसे भी हैं, आपको ग्रहण किया है (आज भी)। इन तत्थ्यों को मनुष्य किसी भी तरह बदल नहीं सकता। वह कभी ना बदलने वाला परमेश्वर है। उसका हृदय उसके बच्चों के तरफ सदा लगा रहता है ।
विश्वास करें !!!
मेरी एक मित्र इस बात से परेशान रहती है कि कोई उसके कामों की प्रशंसा नहीं करता, बल्कि उसकी आलोचना और शिकायत ही की जाती है, कि वह अपने कामों में गैर जिम्मेदार है ; और इन बातों पर विश्वास करने और मान लेने के कारण हतोत्साहित हो जाती है; और निराशा में चली जाती है ।
गलत और नकारात्मक बातों पर विश्वास के द्वारा जीवन में निराशा और खालीपन आना आरम्भ हो जाता है। परमेश्वर कहता है कि आप ग्रहण किये गए हो (पूरी तरह), उसकी बातों पर विश्वास करें और अपने आप की आलोचना करना छोड़ दें। आप परमेश्वर के संतान हैं। उसने आपको ग्रहण किया है  इसलिए आप भी खुद को स्वीकार करना आरम्भ करें और एक विजयी जीवन जियें।

आशीषित रहें !!!
Tanvi Joseph
हिंदी अनुवाद - Mr. A. D. Joseph



BREAKFAST~ July 31, 2017(Hindi)

 आप स्वीकारे गए हैं !!!
 रोमियो 5:8  "परन्तु परमेश्वर हम पर अपने प्रेम की भलाई इस रीति से प्रगट करता है, कि जब हम पापी ही थे तभी मसीह हमारे लिये मरा।"
हम में से बहुतेरे अपनी पूरी जिंदगी लोगों को खुश रखने की कोशिश में बिता देते हैं । हम प्रदर्शन करने वाले संसार में जी रहे हैं । हमारी पहचान हमारी आय या सफलता से सबोधित की जाती है, सामाजिक मान-सम्मान सब कुछ उस पर निर्भर होता है। हम अपने माता पिता, रिस्तेदार, मित्रों, सहकर्मियों, समाज, इत्यादि से सम्मान पाने और अपनी ओर आकर्षित करने के लिए संघर्ष करते रहते हैं। एक शब्दो में कहें तो - हम जीते हैं कि दूसरों के द्वारा स्वीकारें जा सकें। और जब हम दूसरों को खुश रखने में असफल होतें हैं या जब ऐसा लगता है कि लोग हमें स्वीकार नहीं कर रहे तब प्रायः हम अशान्त हो जाते हैं और खुद की आलोचना करना आरम्भ कर देते हैं; जिससे हम अपने व्यक्तित्व को खोने लगते हैं और परिणामस्वरूप आत्मविश्वास रहित जीवन आरम्भ हो जाता है ।

ऐेसी परिस्थिति में केवल परमेश्वर ही पूर्ण आश्वस्त और सकारात्मक जीवन में आपको वापस ला सकता है । आप जैसे भी हैं वह आपको स्वीकारता है - आप टूटे हुए या कैसे भी परिस्थिति में हैं परमेश्वर आपसे प्रेम करता है और ग्रहण करता है । आपके पाप, आपका स्वभाव या व्यवहार परमेश्वर को, आपसे प्रेम करने के लिए रोक नहीं सकता; क्योंकि जब हम पापी ही थे तभी मसीह हमारे लिये मरा। अपना जीवन मसीह को दें । वह आपके हर विपरीत परिस्थितियो को आशीष में बदल देगा ।

आशीषित रहे !!!
Tanvi Joseph

Translated by: Mr. A.D. Joseph

BREAKFAST~ August 02, 2017

 You are Accepted !!!
Romans 5:8 "God shows his love for us in that while we were still sinners, Christ died for us."
Isn't it amazing that God loves us beyond what we deserve! Throughout the month of July we had been learning how GOD has manifested his love upon us.
1. He Forgave us
2. He Loves us
3. He created us Beautiful
4. He Accepted us
This four points reflect God's work on our being, whether you feel it or not HE LOVES you, had forgiven you, made you amazingly beautiful and accepted you the way you are (even at present).There is absolutely nothing that man did or can do to change these facts. For God is unchanging. His heart is inclined for his children. 
Believe 
One of my friend was troubled with the thought that nobody appreciates her efforts rather criticize and complains that she is irresponsible in all her works, which discouraged her when she started believing and accepting these words and went to depression.

Believing wrong or negative words bring discouragement and emptiness. God says you are accepted (entirely) believe on His words and stop criticizing yourself. You are a child of GOD. He has accepted you so start accepting yourself and live a victorious life.  

Remain Blessed!!

Tanvi Joseph