आप स्वीकारे गए हैं !!!
रोमियो 5:8 "परन्तु परमेश्वर हम पर अपने प्रेम की भलाई इस रीति से प्रगट करता है, कि जब हम पापी ही थे तभी मसीह हमारे लिये मरा।"
क्या यह आश्चर्यजनक नहीं कि परमेश्वर ने, जिसके योग्य हम नहीं थे, उससे बढ़कर हमसे प्रेम किया है । पूरे जुलाई महीने हम सीख रहे थे कि किस तरह परमेश्वर ने अपने प्रेम को हम पर प्रगट किया ।
1) उसने हमें छमा किया
2) उसने हमसे प्रेम किया
3) उसने हमें सुन्दर रूप में सृजा
4) उसने हमें ग्रहण किया
ये चार बातें, परमेश्वर के काम, जो हम पर किये गए उनको दर्शाता है। आप इस बात को अनुभव करें या नहीं, वह आपसे प्रेम करता है, आपको छमा किया है, आपको अद्भुत और सुन्दर बनाया है और आप जैसे भी हैं, आपको ग्रहण किया है (आज भी)। इन तत्थ्यों को मनुष्य किसी भी तरह बदल नहीं सकता। वह कभी ना बदलने वाला परमेश्वर है। उसका हृदय उसके बच्चों के तरफ सदा लगा रहता है ।
विश्वास करें !!!
मेरी एक मित्र इस बात से परेशान रहती है कि कोई उसके कामों की प्रशंसा नहीं करता, बल्कि उसकी आलोचना और शिकायत ही की जाती है, कि वह अपने कामों में गैर जिम्मेदार है ; और इन बातों पर विश्वास करने और मान लेने के कारण हतोत्साहित हो जाती है; और निराशा में चली जाती है ।
गलत और नकारात्मक बातों पर विश्वास के द्वारा जीवन में निराशा और खालीपन आना आरम्भ हो जाता है। परमेश्वर कहता है कि आप ग्रहण किये गए हो (पूरी तरह), उसकी बातों पर विश्वास करें और अपने आप की आलोचना करना छोड़ दें। आप परमेश्वर के संतान हैं। उसने आपको ग्रहण किया है इसलिए आप भी खुद को स्वीकार करना आरम्भ करें और एक विजयी जीवन जियें।
Tanvi Joseph
हिंदी अनुवाद - Mr. A. D. Joseph


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