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यिर्मयाह 17:7-8 धन्य है वह पुरुष जो यहोवा पर भरोसा रखता है, जिसने परमेश्वर को अपना आधार माना हो। वह उस वृक्ष के समान होगा जो नदी के तीर पर लगा हो और उसकी जड़ जल के पास फैली हो; जब घाम होगा तब उसको न लगेगा, उसके पत्ते हरे रहेंगे, और सूखे वर्ष में भी उनके विषय में कुछ चिन्ता न होगी, क्योंकि वह तब भी फलता रहेगा।परमेश्वर मनुष्यों को, उनके हर एक बातों के लिए, जो वह इच्छा रखता है, "आशीष देता, संपन्न करता और प्रेम करता है " ।
परमेश्वर आपको और सक्षम बनाना चाहता है -- जिन्दगी के कुछ बातों में हम निराश और हार चुके होते हैं - पारिवारिक रिश्तों में, पैसे - कौड़ी या अन्य कई ऐसे मामलों में ! प्रभु को सारी बातें बताएं और उसके अनुग्रह के लिए प्रार्थना करें । आपका जीवन हमेशा के लिए बदल जाएगा - आपके द्वारा किया गया कार्य सार्थक होगा और आप सभों के लिए आशीषित ठहरेंगे।
अपना सारा बोझ येशु को दे कर अपने जीवन में प्रतिदिन आनन्द मनाए और उसकी भरपूरी में आनंदित रहे ।


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