BREAKFAST~ June 29, 2017(Hindi)






 Today's Word  
  
 भजन संहिता - 23:1 -2    यहोवा मेरा चरवाहा है, मुझे कुछ घटी न होगी | वह मुझे हरी हरी चराइयों में बैठाता है; वह मुझे सुखदाई जल के झरने के पास ले चलता है;
 

 
यहोवा मेरा "चरवाहा" है -- चरवाहे ऐसे लोग होतें हैं जो अपने भेड़ों (जानवरों) से बहुत प्रेम रखते हैं और हर विषम परिस्थितियों के बावजूद वे उनका उचित देख भाल करते हैं । निश्चित रूप से हम यह जानतें हैं कि येशु मसीह हमारा कैसा भला परमेश्वर है, जब वह कहता है कि " मैं तुम्हारा चरवाहा हूँ " -  तो उसका अर्थ यह है कि, जैसा वह हमसे प्रेम करता है या हमारी चिन्ता करता है, उसे छोड़ और कोई दूसरा हमसे  वैसे प्रेम नहीं कर सकता।
किन्तु आज प्रश्न यह है कि उसकी भलाई  जीवन में अनुभव करने के बाद, क्या हम  अपने लोगों के लिए, एक अच्छे चरवाहे का जीवन आरम्भ करते  है ? क्या हम अपने लोगों की, अपने पड़ोसियों, दोस्तों की चिन्ता करते हैं; क्या हमारा व्यवहार अपने कर्मचारी या सहकर्मचारीयो , अपने मालिक के साथ अच्छा है ? सदा याद रखें " जैसा हम बोयेंगे वैसा ही काटेंगे " ।
 
आइये हम एक अच्छा " चरवाहा " बनें ।

आशीषित बने रहे !!!

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