येशु मसीह ने आपके पाप को हटा दिया !!!
2 कुरिन्थियों 5:21 जो पाप से अज्ञात था, उसी को उस ने हमारे लिये पाप ठहराया, कि हम उस में होकर परमेश्वर की धामिर्कता बन जाएं॥
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यह आयत हमे परमेश्वर के कार्यो की पूर्णता को दर्शाता है। येशु मसीह जो परमेश्वर का एकलौता पुत्र था, जो निर्दोष और पाप रहित था उसे क्रूस पर चढ़ाया गया ।
क्या आवश्यकता थी की येशु मसीह को पूरी दुनिया के पापों के लिए बलिदान देना पड़ा ?
परमेश्वर हमसे बेहद प्यार करता है और केवल पाप है जो मनुष्य को परमेश्वर से अलग करता है इसलिए, येशु मसीह जो पूर्ण और सिद्ध है उनका बलिदान देना अनिवार्य हुआ की हमे पापो से छुटकारा मिल सके।
बहुत से लोग अभी भी संदेह करते हैं कि कैसे यीशु मसीह का खून पूरे विश्व (सभी पीढ़ियों) के पाप को दूर कर सकता है - प्राचीन में पशु बलिदान की प्रथा नियम के तौर से पापों की श्रमा के लिए प्रचलित थी । इस प्रथा में कोई भी साधारण जानवर का बलिदान नहीं, वरन विशिष्ट मानदंडों जैसे - पेहलौठा, निर्दोष, बेदाग, युवा, स्वस्थ आदि का होना अनिवार्य था। परन्तु परमेश्वर को यह बलिदान सिद्ध नहीं लगा क्यूंकि ऐसे बलिदान से परेमश्वर और मनुष्य का सम्बन्ध स्थापित करने के उद्देश्य पूरा नहीं हुआ, न ही यह मनुष्य के पापी दिल को बदल सकता था ।इसलिए एक पूर्ण और आदर्श बलिदान की जरूरत थी- जो यीशु मसीह के द्वारा पूरा हुआ - निर्दोष, बेदाग़, पेहलौठा, परमेश्वर का पुत्र, इसलिए उसका खून सभी मानव जाति के पापों को क्षमा करने की पूर्णता रखता है।
येशु मसीह ने पहले ही क्रूस पर आपके लिए कीमत चुका दी है - अब आप पाप के बोझ में दबे नहीं वरन स्वतंत्र है , येशु के बलिदान पर विश्वास करे और जयवंत जीवन का आनंद ले।
आशीषित बने रहे !!!


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