BREAKFAST~ June 30, 2017(Hindi)



Today's Word  

 यिर्मयाह 17:7-8     धन्य है वह पुरुष जो यहोवा पर भरोसा रखता है, जिसने परमेश्वर को अपना आधार माना हो। वह उस वृक्ष के समान होगा जो नदी के तीर पर लगा हो और उसकी जड़ जल के पास फैली हो; जब घाम होगा तब उसको न लगेगा, उसके पत्ते हरे रहेंगे, और सूखे वर्ष में भी उनके विषय में कुछ चिन्ता न होगी, क्योंकि वह तब भी फलता रहेगा।
 




 
 
 
बाइबल की यह आयत हमें परमेश्वर में हमारी बुनियाद स्थापित करना सिखाती  है । परमेश्वर का वचन उस जल के समान है जो  पेड़ों का पोषण करता, अर्थात हम मनुष्यों के  तन, मन और आत्मा को उपजाऊ बनता है। यह हमारे जीवन के हर एक अंगों  को छूता और चंगाई देता है ; दिल में  गहरा ठेस हो तो उसे भी । एक बार प्रभु का वचन हमारे जीवन में जड़ पकड़ ले, तो हमारा जीवन बदल जाता है ।
 1. विषम परिस्थितियों में भी आप भयभीत न होंगे क्योंकि आप जानतें हैं कि परमेश्वर नियंत्रण करता है ।
 2. आप सदा खुश रहेंगे क्योंकि सच्चाई आपको सहनशील बनाएगा ।
 3. किसी बात की घटी या चिन्ता न होगी क्योंकि आप जानतें हैं कि सब कुछ देने वाला तो परमेश्वर ही है ।
 4. सदा संपन्न रहेंगे -- आप दूसरों के लिए आशीष का जरिया बन जाएंगे।
अतः परमेश्वर के वचनों पर भरोसा और विश्वास रखने के द्वारा आप सदा एक विजेता बनें रहेंगे ।



आशीषित बने रहे !!!

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